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मुनाफ़ाखोर दवा कंपनियां सावधान!

आशुतोष कुमार सिंह

दवाइयों में मची लूट के बारे में पिछले एक महीने से लगातार लिखने-पढ़ने, सुनने-सुनाने के बाद अब देश की मुख्यधारा की मीडिया इस मसले को उठाने में जुट गयी है. एक महीने पहले ‘कंट्रोल एम.एम.आर.पी.’ यानी कंट्रोल मेडिसिन मैक्सीमम रिटेल प्राइस अभियान को जब हम लोगों ने शुरू किया था तब ऐसा लगा था कि पता नहीं कब तक इस जटिल मसले को समझाने में हम सफल हो पायेंगे. लेकिन मीडिया मित्रों से मिले सहयोग ने इस मसले को बहुत जल्द ही राष्ट्रीय मुद्दा बनाने में मदद की है. रायपुर से प्रकाशित सांध्य दैनिक जनदखल ने सर्वप्रथम इस मसले पर अपनी जोरदार दख़ल दिया. उसके बाद तो प्रत्येक दिन देश के किसी न किसी कोने से इस तरह की खबरे आने लगी.

इस पूरे मुहिम में वेब मीडिया ने बहुत ज़बरदस्त भूमिका अदा की है. ‘बियोंड हेडलाइंस’ ने इस मुहिम से जुड़े सभी तथ्यों को जनता के सामने लाने में अहम योगदान दिया. साथ ही साथ प्रवक्ता डॉट कॉम, जनोक्ति डॉट कॉम, इनसाइड स्टोरी डॉट कॉम एवं लखनऊ जनसत्ता डॉट कॉम ने इस मसले को प्रमुखता से उठाया.

‘फेसबुक’ के माध्यम से 22 जून 2012 विधिवत रूप से शुरू हुआ यह नेशनल कैंपेन आज देश की मीडिया के लिए राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है. आज यानी ठीक एक महीने दो दिन बाद इस मसले को दैनिक हिन्दुस्तान ने अपने सभी संस्करणों में प्रमुखता से प्रकाशित किया है. दिल्ली संस्करण में तो यह खबर लीड स्टोरी बनी है. इसी तरह आज 24.07.2012 को रांची से प्रकाशित आई नेक्स्ट ने ‘एम.आर.पी का खेल’ शीर्षक से इस मसले को अपने पहले पृष्ठ पर स्थान दिया है और विस्तृत खबर पृष्ठ 6 पर प्रकाशित किया है.

अभी ताजा अपडेट यह है कि इस मसले पर जी न्यूज पर ख़बर चलाई जा रही है. इस पूरी मुहिम में न्यूज एजेंसी वार्ता का बहुत अहम सहयोग मिला है. वार्ता ने अपने यहां से सबसे पहले इस मुहिम के बारे में खबर जारी किया था.

मैं उन सभी मीडिया मित्रों के सहयोग का आभारी हूं, जो फेसबुक पर इस मुहिम को आगे बढाने में हमें प्रोत्साहित कर रहे हैं.

दवा कंपनियों की मुनाफेबाजी व सरकारी हेल्थ केयर नीति की पोल जिस तरीके से एक के बाद एक खुलती जा रही है, निश्चित है कि अब तो सरकार व कंपनियां दोनों जनहित में अपने रवैये को बदलने के लिए मजबूर होंगी.

हमें आशा है कि जिस तरह से इस मसले पर मीडिया जाग रही है, उससे प्रेरित होकर जनता भी ज़रूर जागेगी.

(लेखक कंट्रोल एम.एम.आर.पी . अभियान चला रही संस्था प्रतिभा जननी सेवा संस्थान के नेशनल-को-आर्डिनेटर व युवा पत्रकार हैं. लेखक से pratibhajanani@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है.)

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