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बेगुनाहों के लिए प्रधानमंत्री से मिले सर्वदलीय सांसद

BeyondHeadlines News Desk

नई दिल्ली: आतंकवाद के नाम पर बेगुनाहों की गिरफ्तारी का मुद्दा अब गर्माता जा रहा है. सोमवार को एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की और अदालत द्वारा बरी किए गए बेगुनाहों के पुनर्वास के लिए योजना शुरू करने की मांग की। प्रधानमंत्री ने तीन महीने के भीतर नतीजाखेज पहल करने का आश्वासन दिया.

बेगुनाह नौजवानों की गिरफ्तारी के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन “पीपुल्स कैम्पेन अगेंस्ट पॉलिटिक्स ऑफ टेरर (पीसीपीटी) के तहत सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने यह मुलाकात की. मुलाकात के बाद रामविलास पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सकारात्मक संदेश देते हुए तीन महीने के भीतर बेगुनाहों के पुनर्वास के लिए पहल करने का भरोसा दिया है.

सांसद मोहम्मद अदीब ने बताया, ‘देश के विभिन्न भागों में निर्दोष नौजवानों को आतंकवाद के नाम पर गिरफ्तार करने, बेवजह सालों-साल जेल में रखने और न्यायालय के द्वारा निर्दोष साबित होने के बावजूद भी उनके लिए पुर्नवास, न्याय एवं रोजगार के लिए कोई योजना नहीं बनाने के मुद्दे पर कई राजनीतिक पार्टियों के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानंमंत्री से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा.

प्रधान मंत्री ने बेगुनाहों की गिरफ्तारियां रोकने, ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाकर तत्काल न्याय देने और पुर्नवास की व्यवस्था हेतु एक ठोस मैकेनिज्म बनाने का आश्वासन दिया. प्रधान मंत्री ने कहा कि वो इस सम्बंध में गृह मंत्री से बात कर एक समय सीमा के अन्दर मैकेनिज्म तैयार करने को कहेंगे.

प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से इंडियन मुजाहिदीन के संबंध में संसद के दोनों सदनों में श्वेत पत्र लाने की मांग भी की. प्रतिनिधिमंडल में लोक रामविलास पासवान, सांसद मो. अदीब, राम गोपाल यादव, सीताराम येचूरी, डी राजा, मणीशंकर अय्यर,  प्रेमचन्द गुप्ता, डीपी त्रिपाठी, शिवानन्द तिवारी, शफीक-उर-रहमान बर्क, एच हनुमंत राव, सांसद मो. सफी, अहमद सईद मलिहाबादी, नरेश अग्रवाल, पी लनगम और  मो. हारून शामिल थे.

इस प्रतिनिधिमंडल में जहां कांग्रेस, सपा, बसपा, डीएमके, सीपीएम, नेशनल काफ्रेंस और अन्य पार्टियों के सांसद शामिल थे लेकिन भाजपा का कोई सदस्य शामिल नहीं था. लोजपा नेता रामविलास ने भाजपा पर आतंकवाज के नाम पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया. वहीं सांसद मुहम्मद अदीब ने कहा कि बेगुनाह का कोई धर्म नहीं होता, बेगुनाह सिर्फ बेगुनाह होता है और कानून और प्रशासन को भी सिर्फ धर्म के आधार पर गिरफ्तारियां नहीं करनी चाहिए.

दूसरी और दिल्ली के बटला हाउस में इसी मुद्दे को लेकर 26 नवंबर से भूख हड़ताल पर बैठे स्थानीय लोजपा नेता अमानतउल्लाह खान ने भी प्रधानमंत्री द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद भूख हड़ताल समाप्त कर दी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने वादा पूरा नहीं किया तो वो मार्च में इसी मुद्दे पर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल करेंगे.

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