BeyondHeadlinesBeyondHeadlines
  • Home
  • India
    • Economy
    • Politics
    • Society
  • Exclusive
  • Edit/Op-Ed
    • Edit
    • Op-Ed
  • Health
  • Mango Man
  • Real Heroes
  • बियॉंडहेडलाइन्स हिन्दी
Reading: आम आदमी पार्टी के सारे आरोप बेबुनियाद – ज़िला अधिकारी
Share
Font ResizerAa
BeyondHeadlinesBeyondHeadlines
Font ResizerAa
  • Home
  • India
  • Exclusive
  • Edit/Op-Ed
  • Health
  • Mango Man
  • Real Heroes
  • बियॉंडहेडलाइन्स हिन्दी
Search
  • Home
  • India
    • Economy
    • Politics
    • Society
  • Exclusive
  • Edit/Op-Ed
    • Edit
    • Op-Ed
  • Health
  • Mango Man
  • Real Heroes
  • बियॉंडहेडलाइन्स हिन्दी
Follow US
BeyondHeadlines > India > आम आदमी पार्टी के सारे आरोप बेबुनियाद – ज़िला अधिकारी
IndiaLead

आम आदमी पार्टी के सारे आरोप बेबुनियाद – ज़िला अधिकारी

Beyond Headlines
Beyond Headlines Published April 18, 2014 34 Views
Share
5 Min Read
SHARE

Afroz Alam Sahil for BeyondHeadlines

वाराणसी : आम आदमी पार्टी के नेताओं की शिकायत है कि प्रशासन उन्हें मदद नहीं कर रहा है. पहले ही दिन BeyondHeadlines से बातचीत में पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें रोड शॉ करने की इजाज़त नहीं दी है.

वहीं आम आदमी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से शिकायत की है कि वाराणसी में पार्टी को प्रचार करने की इजाज़त भी नहीं मिल रही है. आरोप है कि जिला प्रशासन ने ऑटो पोस्टर और लाउडस्पीकर जैसे कम खर्च वाले माध्यमों से प्रचार अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश पर रोक लगा दी गई है. वहीं शिकायत यह भी है कि मोदी समर्थक हर जगह विरोध करके, गाली-गलौज और पत्थरबाजी करके पार्टी के प्रचार अभियान में खलल डाल रहे हैं और लोगों को दहशत में डालने का काम कर रहे हैं, पर प्रशासन उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रही है.

इन आरोपों के बाद आज BeyondHeadlines ने वाराणसी के ज़िला अधिकारी प्रांजल यादव से एक खास मुलाकात की और वाराणसी में होने वाले चुनाव के तैयारियों का जायज़ा लिया. साथ ही आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपो पर ज़िला प्रशासन के रूख को जानने की कोशिश की.

ज़िला अधिकारी प्रांजल यादव बताते हैं कि यह सारे आरोप बेबुनियाद हैं. उनका कहना है कि हमने किसी भी पॉलीटिकल पार्टी को गाड़ी के उपर लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति नहीं दी है. क्योंकि उत्तर प्रदेश में जो नियम लागू है, हम उन्हें ही फॉलो कर रहे हैं. मोटर वेहिकल एक्ट के सेक्शन-52 के अंतर्गत गाड़ी में कोई एक्सटर्नल एचैटमेंट नहीं किया सकता. वहीं पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के गाईडलाइंस के मुताबकि ऐसी अनुमति नहीं दी गई है. वो यह भी बताते हैं कि इस सिलसिले में हमने लखनउ में चुनाव आयोग से भी बात की है, लेकिन उनका स्पष्ट निर्देश है कि ऐसी अनुमति नहीं दी जा सकती.

वहीं प्रांजल यादव यह भी बताते हैं कि कल लंका के करीब बीएचयू के कुछ छात्रों व अन्य लोगों की आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं के साथ धक्का-मुक्की हो गई थी, कुछ लोगों ने कुछ सामान भी फेंका, उसी के मद्देनज़र जो भी ज़रूरी प्रोटोकॉल हैं, गाईडलाइन हैं, उसके मुताबिक आज उनकी सुरक्षा बढ़ा रहे हैं ताकि आगे से ऐसी कोई घटना घटित न हो. इसके लिए आज से उनके साथ एक और अतरिक्त पीएसी कम्पनी रहेगी.

BeyondHeadlines ने उनसे यह पूछा कि क्या कोई इंटेलीजेंस रिपोर्ट है या फिर कोई सूचना जिसके मद्देनज़र ऐसा किया जा रहा है, तो इस सवाल पर प्रांजल यादव का कहना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. और ऐसी कोई आशंका भी नहीं, बस हमलोग जनरल व रूटीन वे में चुनाव की तैयारियां अच्छी कर रहे हैं. और बनारस में कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न न होने पाए. वो यह भी बताते हैं कि वाराणसी में शांतिपूर्ण चुनाव उनकी पहली प्राथमिकता में शामिल है.

स्पष्ट रहे कि अरविंद केजरीवाल आज सुबह भी वाराणसी के कंपनी बाग इलाके में समर्थकों के साथ सैर के लिए निकले थे. वह वहां अपने समर्थकों के साथ चुनाव पर चर्चा कर रहे थे, तभी मोदी समर्थक वहां मोदी का नारा लगाते हुए पहुंच गए. मोदी के समर्थकों को देखकर केजरीवाल समर्थकों ने भी केजरीवाल के पक्ष में नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया.

इतना ही नहीं, कल शाम भी वाराणसी के लंका इलाके में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी. केजरीवाल अपने समर्थकों के साथ जनसंपर्क कर रहे थे, वहीं उस दौरान बीजेपी समर्थक भी जमा हो गए. फिर दोनों तरफ से बहस होने लगी और फिर झड़प. इस बीच पुलिस भी पहुंची, लेकिन जब मामला शांत नहीं हुआ, तो पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.

TAGGED:pranjal yadav
Share This Article
Facebook Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Telangana Must Order CBI Inquiry into Alleged Murder of Advocate Moizuddin in Waqf Cases
India Waqf Facts
Waqf Registration Ends With Fears of Vanishing Properties
Exclusive India Waqf Facts
The Waqf Act 2025, Supreme Court Interim Ruling, and the Role of Muslims in Protecting Waqf Properties
Waqf Facts
Supreme Court Verdict on the Waqf Act: Justice or Just Temporary Consolation?
India Waqf Facts Young Indian

You Might Also Like

Edit/Op-EdIndiaYoung Indian

AMU’s Turbulent 1990s: Crisis, Conscience, and Chaos

October 23, 2026
IndiaLeadYoung Indian

Ambedkar’s Warning Still Matters: Can India Protect Its Constitutional Democracy?

October 23, 2026
IndiaLeadWorld

Islamic publishers adopt Istanbul roadmap for global cooperation

September 28, 2026
Edit/Op-EdExclusiveIndia

18 Years After Batla House ‘Encounter’, Azamgarh Still Lives With Fear, Silence and Waiting

September 20, 2026
Copyright © 2025
  • Campaign
  • Entertainment
  • Events
  • Literature
  • Mango Man
  • Privacy Policy
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?