Latest News

देश भर से ईवीएम बदले जाने की आ रही है ख़बर, आख़िर क्या है सच?

BeyondHeadlines News Desk

नई दिल्ली: देश भर के कई हिस्सों से अब ईवीएम बदले जाने की ख़बर आने लगी है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर कोहराम मचा हुआ है. इस ख़बर से एक पार्टी को छोड़ बाक़ी तमाम पार्टियों के वोट करने वाले वोटर्स परेशान नज़र आ रहे हैं और उनके मन में कई सवाल पनप रहे हैं.

सोशल मीडिया पर कोहराम तब मचा जब बिहार की राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने सोशल मीडिया पर ये जानकारी दी कि सोमवार को बिहार में आरजेडी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सारण और महाराजगंज सीट के एक स्ट्रांग रूम में घुसने की कोशिश कर रहे ईवीएम से भरे एक ट्रक को पकड़ा है.

राजद ने ईवीएम भरे ट्रक का फोटो ट्वीट करते हुए कहा कि उस समय मौक़े पर इलाक़े के बीडीओ भी मौजूद थे, जो इस बारे में पूछने पर कोई जवाब नहीं दे पाए. फिलहाल उस ट्रक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. 

हालांकि इस बारे में सारण संसदीय क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह एडीएम अरुण कुमार ने बताया कि ईवीएम जाने की बात पूरी तरह से ग़लत है. मतदान में प्रयोग ईवीएम को छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में रखा गया है जबकि सदर प्रखंड कार्यालय के समीप स्थित वेयरहाउस में खाली ईवीएम को रखा गया है. दो दिन मतगणना कर्मियों के लिए ईवीएम प्रशिक्षण का कार्यक्रम है. सोमवार को प्रशिक्षण के लिए ईवीएम ले जाया गया था. 22 मई को पुन: ईवीएम को वेयरहाउस से लक्ष्मीनारायण ब्राम्हण हाई स्कूल ले जाया जाएगा. स्ट्रांग रूम की निगरानी सीसीटीवी से हो रही है.

इस बीच उत्तर प्रदेश के चंदौली से भी ईवीएम बदले जाने की ख़बरें सामने आई हैं. सोमवार शाम को चंदौली में क़रीब डेढ़ सौ ईवीएम से लदा एक ट्रक स्ट्रांग रूम के पास पहुंचा और इन मशीनों को अंदर रखा जाने लगा. सूचना पाकर कांग्रेस कार्यकर्ता और दूसरे दलों के सदस्य मौक़े पर पहुंचे और इसका विरोध किया.

चंदौली ज़िला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि कहीं से क़रीब डेढ़ सौ ईवीएम सेंटर पर लाई जा रही है. ऐसे में वे उस गाड़ी का पीछा करते हुए वहां पहुंचे जहां मतदान में इस्तेमाल हो चुकी ईवीएम को रखा गया था. इस सूचना के फैलने के बाद वहां विपक्षी दलों के क़रीब 400-500 कार्यकर्ता पहुंच गए. 

देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हंगामा बढ़ने पर ज़िलाधिकारी मौक़े पर आए और उन्होंने ग़लती मानते हुए बाहर से लाई गई ईवीएम को वहां से ज़िलाधिकारी कार्यालय में शिफ्ट किया.

वहीं गाज़ीपुर में भी इसी तरह का मामला सामने आया. सूचना पाकर यहां से गठबंधन के उम्मीदवार अफ़ज़ाल अंसारी अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ मौक़े पर पहुंचे और इसका विरोध किया. उन्होंने इस कार्यवाही के ख़िलाफ़ वहां धरना भी दिया. लेकिन इसी बीच वहां पहुंची पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश भी की.

वहीं हरियाणा के फ़तेहाबाद से भी ऐसी ही ख़बरें आई हैं. फ़तेहाबाद में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में एक संदिग्ध ट्रक पहुंच गया था. जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया. बताया जा रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस ट्रक पर पहले से ही शक था और वो इसका पीछा पहले से ही कर रहे थे. मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस अधिकारी और ज़िला निर्वाचन अधिकारी भी वहां पहुंच गए. हंगामा बढ़ता देख अधिकारियों को संदिग्ध ट्रक को वहां से भेजना पड़ा.

मध्य प्रदेश के सागर से भी ख़बर आ रही है कि यहां दर्जनों ईवीएम मशीनें पकड़ी गईं हैं जो स्ट्रांग रूम में नहीं थीं. बाहर से इन्हें लाकर चुपके से स्ट्रांग रूम में डिपॉजिट करने की कोशिश की जा रही थी. बताया जा रहा है कि ईवीएम मशीनों की कुल संख्या 45 है. यह भी बताया जा रहा है कि ये सभी मशीनें खुरई विधानसभा सीट की हैं. चर्चा यह भी है कि मशीनें मध्य प्रदेश के गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह के होटल दीपाली में रखी हुईं थीं.

इस मामले में अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. मतदान के बाद आज की ब्रीफिंग में भी जिला निर्वाचन अधिकारी सागर की ओर से यह नहीं बताया गया था कि स्ट्रांग रूम में कुछ मशीनों का आना बाक़ी है. इसके कारण मामला संदिग्ध हो गया है.

इससे पहले उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज लोकसभा सीट एसपी-बीएसपी गठबंधन के उम्मीदवार आफ़ताब आलम भी स्ट्रॉन्ग रूम से ईवीएम बदलने का आरोप लगा चुके हैं.

आफताब का कहना है कि जब स्ट्रॉन्ग रूम सील किया जा चुका है तो प्रशासन किसकी अनुमति से ईवीएम इधर-उधर कर रहा है. इसको लेकर स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर मंगलवार (14 मई, 2019) को एसपी और बीएसपी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा भी किया. हालांकि डीएम कुणाल सिल्कू ने कहा कि बचे हुए कुछ ईवीएम देवरिया भेजे जाने थे. मशीनों में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है.

जबकि आफ़ताब का कहना था कि स्ट्रॉन्ग रूम से ईवीएस से भरी दो गाड़ियों को निकालने की कोशिश की गई. इन दोनों गाड़ियों पर नंबर प्लेट भी नहीं लगे थे. जिसके बाद स्थानीय लोगों और गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने ईवीएम से लदी गाड़ियों को गेट पर रोक दिया और धरने पर बैठ गए. इस दौरान कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. बताया जा रहा है कि मीडिया के पहुंचने की ख़बर सुनकर प्रशासन ईवीएम से भरी गाड़ियों को वापस अंदर भेज दिया.

इससे पहले 9 मई को अमेठी में भी एक स्ट्रांगरूम से ईवीएम मशीनों को बाहर निकाल कर एक ट्रक पर लादता देख कांग्रेसियों ने हंगामा खड़ा किया था. मीडिया में आई ख़बर के मुताबिक़ 9 मई की शाम क़रीब पांच बजे मनीषी महिला पीजी कॉलेज गेट पर खड़े एक ट्रक पर परिसर के भीतर से कुछ ईवीएम ट्रक पर लादी जा रही थी. सूचना मिलते ही कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्र कुछ समर्थकों के साथ मौक़े पर पहुंच गए और गेट पर नीचे रखी मशीनों को ट्रक पर लादने से मना कर दिया.

भारी हंगामे के बाद एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव मौक़े पर पहुंची और उन्होंने बताया कि 12 मई को होने वाली वोटिंग में जिन मतदान केंद्रों पर मशीनों की कमी है, इन मशीनों को वहां भेजे जाने का संदेश मिला है.

बता दें कि इससे पहले 20 लाख ईवीएम मशीनें ग़ायब होने की ख़बर मीडिया में आ चुकी है. ऐसे में ईवीएम बदले जाने की ख़बरों में क्या सच्चाई है, ये इलेक्शन कमीशन ही बेहतर बता सकता है. फिलहाल सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा ये अपील की जा रही है कि हर नेता सतर्क रहे और अपने ज़िले के स्ट्रांग रूम के बाहर हर समय मौजूद रहकर ईवीएम की रक्षा करे.

Loading...
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...

Most Popular

Loading...
To Top

Enable BeyondHeadlines to raise the voice of marginalized

 

Donate now to support more ground reports and real journalism.

Donate Now

Subscribe to email alerts from BeyondHeadlines to recieve regular updates

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.