BeyondHeadlinesBeyondHeadlines
  • Home
  • India
    • Economy
    • Politics
    • Society
  • Exclusive
  • Edit/Op-Ed
    • Edit
    • Op-Ed
  • Health
  • Mango Man
  • Real Heroes
  • बियॉंडहेडलाइन्स हिन्दी
Reading: बिहार में अगस्त क्रांति और मुसलमान : प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी रहे सबसे सक्रिय
Share
Font ResizerAa
BeyondHeadlinesBeyondHeadlines
Font ResizerAa
  • Home
  • India
  • Exclusive
  • Edit/Op-Ed
  • Health
  • Mango Man
  • Real Heroes
  • बियॉंडहेडलाइन्स हिन्दी
Search
  • Home
  • India
    • Economy
    • Politics
    • Society
  • Exclusive
  • Edit/Op-Ed
    • Edit
    • Op-Ed
  • Health
  • Mango Man
  • Real Heroes
  • बियॉंडहेडलाइन्स हिन्दी
Follow US
BeyondHeadlines > History > बिहार में अगस्त क्रांति और मुसलमान : प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी रहे सबसे सक्रिय
HistoryIndiaबियॉंडहेडलाइन्स हिन्दी

बिहार में अगस्त क्रांति और मुसलमान : प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी रहे सबसे सक्रिय

Beyond Headlines
Beyond Headlines Published August 9, 2019 8 Views
Share
3 Min Read
SHARE

Afroz Alam Sahil, BeyondHeadlines

आज से ठीक 77 साल पहले… 9 अगस्त 1942… ‘करो या मरो’ का पहला दिन…. और बिहार कई दिन पहले ही से नये तेवर में बौराया था. 8 अगस्त की रात ही पटना में सैंकड़ों गिरफ्तार… और सुबह में देश को ब्रिटिश साम्राज्य की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए बुलंदियों की हद तोड़ती आतुरता… और यही जुनून 48 घंटे बाद फिरंगी राज के प्रमुख प्रतीक (पुराना सचिवालय) पर तिरंगा लहरा देता है. सात नौजवान छात्र शहीद और फिर पूरे देश में आंदोलन की आग…

बता दें कि1942 में इस आन्दोलन शुरू होने से कुछ दिनों पहले ही बिहार सरकार ने सभी ज़िला मजिस्ट्रेटों के पास ऐसे लीडरों की सूची भेज दी थी, जिनके बारे में वो समझती थी कि इनका आन्दोलन संचालित करने में अहम रोल होगा.

उसने इस सूची को ‘ए’ और ‘बी’ दो हिस्सों में तैयार किया था. सूची —‘ए’ में उन लीडरों का नाम दर्ज था, जो काफ़ी अहम थे. इस सूची में 125 लीडरों के नाम दर्ज थे. और इन 125 लीडरों की सूची में सिर्फ़ तीन मुसलमान नेता शामिल थे.

इसमें सबसे अहम नाम प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी का था. इनके अलावा एस.एच. रज़ी उर्फ़ रज़ी अज़ीमाबादी और जहानाबाद काको के रियासत करीम का नाम शामिल था. ख़ास बात ये है कि अंग्रेज़ों का ख़ास ध्यान इन्हीं तीनों की तरफ़ सबसे ज़्यादा था, क्योंकि उन्हें पता था कि इन तीन के पीछे पूरे बिहार के मुसलमान खड़े हैं और प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी का दबदबा तो पूरे देश के मज़दूरों पर है.

बिहार के प्रसिद्ध इतिहासकार के.के. दत्ता के मुताबिक़ ‘करो या मरो’ नारे के साथ प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी 1942 की इस क्रांति में सबसे अधिक सक्रिय रहे. सिंहभूम ज़िला में श्रमिकों के बीच कई छपे हुए इश्तेहार बांटे जा रहे थे. इसमें हड़ताल जारी रखने और अधिक उत्साह के साथ राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग लेने की अपीलें की जा रही थीं…

इतना ही नहीं, इस ‘भारत छोड़ो’ आन्दोलन में प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी ने जैसे ही सक्रिय होकर अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ बग़ावत का बिग़ुल बजाया, तुंरत उन्हें बन्दी बनाकर जेल भेज दिया गया. 1944 के आख़िर में उन्हें हेल्थ ग्राउंड पर जेल से रिहा कर दिया गया. इसकी जानकारी खुद बारी साहब के ज़रिए दिल्ली में रहने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल को 30 मई, 1946 को लिखे एक पत्र से होती है.

दरअसल, अगस्‍त क्रांति से ही अंग्रेज़ों की वापसी की उल्टी गिनती शुरू हुई थी. ये आन्दोलन भारत से ब्रितानी हुकूमत को उखाड़ फेंकने की अंतिम और निणार्यक लड़ाई थी.

TAGGED:August Kranti and MuslimsBiharEditor's PickProf Abdul Bari
Share This Article
Facebook Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Telangana Must Order CBI Inquiry into Alleged Murder of Advocate Moizuddin in Waqf Cases
India Waqf Facts
Waqf Registration Ends With Fears of Vanishing Properties
Exclusive India Waqf Facts
The Waqf Act 2025, Supreme Court Interim Ruling, and the Role of Muslims in Protecting Waqf Properties
Waqf Facts
Supreme Court Verdict on the Waqf Act: Justice or Just Temporary Consolation?
India Waqf Facts Young Indian

You Might Also Like

ExclusiveIndiaYoung Indian

From Classrooms to Suspicion: Why Bihar’s Muslim Children Face Fear on the Road to Education

July 13, 2026
ExclusiveIndia

Eid al-Adha in India: Around 50 Incidents Reported Amid Security Measures, Restrictions, and Rising Tensions

July 1, 2026
ExclusiveIndiaLead

Bulldozed Dreams: How Assam’s Eviction Drives Are Leaving Thousands Homeless and a Generation Without Education

June 16, 2026
ExclusiveIndiaLead

What Happened After Assam Converted Madrasas into Schools? A Ground Report on Education, Identity, and Community Impact

June 4, 2026
Copyright © 2025
  • Campaign
  • Entertainment
  • Events
  • Literature
  • Mango Man
  • Privacy Policy
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?