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खालिद हत्याकांड की जांच पर डीवोपीटी ने क्यों नहीं जारी किया नोटिफिकेशन?

BeyondHeadlines News Desk

लखनऊ : खालिद मुजाहिद के हत्यारे पुलिस व आईबी अधिकारियों की गिरफ्तारी, आरडी निमेष आयोग की रिपोर्ट पर सरकार द्वारा एक्शन टेकन रिपोर्ट जारी कर दोषी पुलिस व आईबी के अधिकारियों को गिरफ्तार करने और आतंकवाद के नाम पर कैद बेगुनाहों को तत्काल रिहा करने की मांग को लेकर रिहाई मंच का अनिश्चितकालीन धरना सत्ताइसवें दिन भी जारी रहा. आज क्रमिक उपवास पर फर्रुखाबाद से आए युवा पीढ़ी के संपादक योगेन्द्र सिंह यादव बैठे.

14 points demands of rihai manch to akhilesh govt धरने को संबोधित करते हुए रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने कहा कि मई की चिलचिलाती धूप व लू के थपेड़ों के बीच खालिद के न्याय के लिए इस अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत अवाम के सहयोग से हुई थी. आज मौसम के बदलते करवट के बावजूद धरने के समर्थन में यहां अवाम का जो हुजूम इस भारी बारिश के बीच लखनऊ विधानसभा धरना स्थल पर जमा हुआ है वो सपा सरकार को यह चेतावनी दे रहा है कि मरहूम मौलाना खालिद मुजाहिद को अगर अब भी इंसाफ नहीं मिला तो मौसम की तरह 2014 में सपा को सबक सिखा दिया जाएगा.

मोहम्मद शुएब ने कहा कि 20 जून को मरहूम खालिद के न्याय के लिए रिहाई मंच के इस संघर्ष का एक माह हो जाएगा. हम इस संघर्ष में शामिल हुए साथियों और शामिल होने के लिए नए संघर्षशील साथियों से अपील करते हैं कि 20 जून को सभी इस धरने में शामिल हों और अन्याय के खिलाफ न्याय के लिए इस जंग को अन्तिम मुकाम तक पहुंचाने का संकल्प लें.

रिहाई मंच के प्रवक्ता राजीव यादव ने बताया कि आज रिहाई मंच ने औरया जिले के दिबियापुर से आए लोग जिनके कब्रिस्तान को कुछ भूमाफिया और सपा के विधायक के संरक्षण में कब्जा किया जा रहा है के विरोध में विधान सभा पर चल रहे उनके क्रमिक धरने का समर्थन किया.

दिबियापुर जिला औरया से आए हाजी अब्दुल मसीह कादरी ने कहा फफूंद चौराहे दिबियापुर पर स्थित कब्रिस्तान को 2003 से बराबर कुछ भू-माफिया लगातार कब्जा कर रहे हैं. राजस्व निरिक्षक ने भी कई बार रिपोर्ट दे चुके हैं कि कब्रिस्तान पर कुछ लोग कब्जा कर रहे हैं. इस पर हमने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी ज्ञापन दिया है. न्यायालय द्वारा यथास्थिति के आदेश के बावजूद भी भू माफिया द्वारा लगातार कब्जा किया जा रहा है.

इतना ही नहीं नगर पंचायत दिबियापुर ने कब्रिस्तान की भूमि पर किराया लेकर मेला लगवाया है. इस पर हमने जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई पर सबसे अफसोजनक यह है कि हमारे दिबियापुर विधान सभा क्षेत्र के विधायक प्रदीप यादव के आवास तक कब्रिस्तान की भूमि पर कंकरीट की रोड डलवा दी गई है. लगातार हमारी मज़हबी भावनाओं को सुनियोजित तरीके से आहत किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि संतोष मिश्रा, अजीज़ बाबा, तौफीक अहमद, इशरार भाई, जीमल, रियाज़, हासिम सिद्दीकी, आफताब, शाहिद समेत हम दो सौ लोग आज धरना देने आए हैं और जब तक हमारे मसायल का हल नहीं होगा तब तक हम अपने कब्रिस्तान और मरघट को बचाने के लिए विधान सभा पर धरना देते रहेंगे.

फर्रुखाबाद से आए युवा पीढ़ी के संपादक योगेन्द्र यादव और लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि आतंकवाद, नक्सलवाद और माओवाद के नाम पर लगातार दो दशकों से बेगुनाह मुसलमानों, वनवासियों व आदिवासियों को शक के आधार पर खुफिया एजेंसियां, पुलिस व एटीएस उठा कर फर्जी मुक़दमों में जेल भेज रहीं हैं जहां उनके साथ अमानवीय बर्ताव किया जा रहा है.

अखिलेश सरकार जो आतंकवाद के नाम पर कैद बेगुनाह मुस्लिम युवकों की रिहाई के सवाल पर जो नाटक कर रही है उसे आगे यह बताना चाहिए जेलों में हाई सेक्यूरिटी के नाम पर जिस तरह से पूरी गर्मी भर मासूम बच्चों को जेलों में 23-23 घंटे बंद रखा जाता है उस पर किस कोर्ट ने रोक लगाई है. यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है कि इस देश में अंग्रेजों के बनाए हुए जेल मैनुअल में जो सुविधाएं प्रदत्त की गई हैं, उन्हें भी नहीं दिया जा रहा है.

धरने को संबाधित करते हुए छात्र संगठन एसआईओ के प्रदेश अध्यक्ष साकिब ने कहा कि आतंकवाद के नाम पर सबसे ज्यादा कैद मुस्लिम युवा ही होते हैं. उनकी रिहाई को लेकर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री जो वादाखिलाफी कर रहे हैं वो बताता है कि इस सरकार के पास युवाओं के लिए कोई नीति नहीं है. सपा सरकार अगर नौजवानों को वास्तव में आतंकवाद से बचाने का माद्दा रखती है तो प्रदेश में हुई समस्त आतंकी घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच प्रदेश से बाहर की जांच एजेंसियों से कराई जाय क्योंकि निमेष कमीशन ने भी इस बात को स्वीकारा है कि फर्जी बरामदगी दिखाकर बेगुनाह मुस्लिम युवाओं को एसटीएफ आतंकवाद के मामलों में झूठा फंसाती है.

पिछड़ा महासभा के अध्यक्ष एहसानुल हक मलिक, महामंत्री शिवनारायण कुशवाहा, भारतीय एकता पार्टी के अध्यक्ष सैयद मोइद व सोशलिस्ट फ्रंट ऑफ इंडिया के मोहम्मद आफाक ने कहा कि पिछले एक महीने से मरहूम खालिद की जांच के सवाल पर सरकार के नुमाइंदे यह बोल रहे हैं कि सरकार ने मामला सीबीआई जांच को भेज दिया है पर जिस तरीके से यह मामला सामने आ रहा है कि प्रदेश के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीवोपीटी) ने अब तक नोटिफिकेशन नहीं किया है. ऐसे में सरकार इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे की इतने गंभीर मसले पर इस तरह की जान बूझकर की गई हरकत के बाद उसने क्या किया? उन्होंने मांग उठाई कि डीवोपीटी के जिम्मेदार अफसरों जिन्होंने इस मामले में लापरवाही बरती उनके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्यवाई की जाए.

धरने का संचालन लक्ष्मण प्रसाद ने किया. धरने में अवामी काउंसिल के महासचिव असद हयात, क़मरुद्दीन कमर, मो0 सादिक, एसआईओ के आमिर, आसिफ इरसाद, बाराबंकी से फरहान वारसी, सोशलिस्ट फ्रंट ऑफ इंडिया के मो0 आफाक, गुफरान खान, शुएब, फैज़, जुबैर जौनपुरी, जैद अहमद फारुकी, मो0 उजैर खान, अशोक कुमार सिंह, राजीव यादव आदि लोग सम्मिलित थे.

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