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यूं अरविन्द का खेल बिगाड़ेंगे अन्ना…

BeyondHeadlines News Desk

अरविन्द केजरीवाल पर अन्ना हज़ारे ने खुलकर हमला शुरू कर दिया है. जो अन्ना कभी राजनीत में उतरने के सख्त खिलाफ थे, वही अन्ना अब अरविन्द को धूल चटाने के मक़सद से एक सोची-समझी रणनित के तहत जंग का ऐलान कर दिया है.

गुरू और शिष्य के बीच की यह जंग अब राजनीति के मैदान में लड़ी जाएंगी. कौन खरा है और कौन झूठा, यह राजनीति का मैदान ही तय करेगा. अन्ना ने अरविन्द को पटखनी देने के लिए कमर कस ली है. अरविन्द के सबसे मज़बूत गढ़ यानी दिल्ली पर अन्ना पहला वार करने जा रहे हैं. और इस जंग की शुरूआत 12 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान से होने वाला है, जहां अन्ना और ममता दोनों अरविन्द से बाकायदा जंग का आगाज़ करेंगे. शायद यह जगह जान-बूझ कर चुनी गई है.

कैंपेन कमिटी के चीफ कोर्डिनेटर विनोद शील ने BeyondHeadlines से खास बातचीत में बताया कि अन्ना का पहला निशाना दिल्ली है. अन्ना के समर्थन से ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दिल्ली की सभी यानी सातों लोकसभा सीट पर अपने उम्मीदवार उतारने जा रही हैं. अन्ना हर लोकसभा के लिए दो-दो रैली करेंगे और वोट मांगेंगे. अन्ना के आशीर्वाद के सहारे टीएमसी दिल्ली एसेम्बली की 70 दिल्ली सीटों पर भी उम्मीदवार तलाश रही है. अन्ना दिल्ली, हरियाणा, यूपी और गुजरात समेत उन सभी जगहों पर रैली करेंगे, जहां अरविन्द की नज़र है.

इतना ही नहीं, अरविन्द की ‘मैं हूं आम आदमी’ टोपी को काउंटर करने के लिए अन्ना की ‘मैं हूं अन्ना’ टोपियां भी मैदान में उतार दी गई हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस जंग में अरविन्द का क्या हश्र होता है, लेकिन इतना तो तय है कि अन्ना हज़ारे ने अरविन्द केजरीवाल की राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को आईना दिखाने की ठान ली है. अन्ना अरविन्द का पूरा खेल बिगाड़ भी सकते हैं.

12 मार्च को आगाज़ है. इसके बाद अन्ना की कई रैलियों की तारीख पहले से तय हैं. यह सभी खासकर उन्हीं जगहों में हैं, जहां केजरीवाल का खास फोकस है. अन्ना हरियाणा के सोनीपत, यूपी के अलाहाबाद, मुरादाबाद, मथूरा, सिद्दार्थनगर, डूमरिया गंज, गुजरात के अहमदाबाद, जाम नगर जैसी जगहों पर रैली कर अपने उम्मीदवारों को जिताने की अपील करेंगे. लेकिन दिल्ली पर अन्ना का खास फोकस रहेगा. अन्ना यहां हर लोकसभा सीट पर दो रैली कर अपने उम्मीदवारों के लिए वोट मांगेंगे. अब तक दिल्ली की 7 सीटों के लिए टीएमसी के पास 200 के करीब आवेदन आ चुके हैं.

इतना ही नहीं, अरविन्द को पटखनी देने के लिए अन्ना के आशीर्वाद से टीएमसी दिल्ली की 70 सीटों पर भी ज़ोर आजमाने की तैयारी में है. हर विधानसभा में संगठन खड़ा किया जा रहा है. जमकर वॉलेन्टियर फॉर्म भरवाए जा रहे हैं.  उन वॉलेन्टियर को खास तरजीह दी जा रही है, जो अरविन्द का साथ छोड़कर अन्ना के साथ आ गए हैं. अन्ना के वर्कर्स के मुताबिक अरविन्द खेमे से मोहभंग वाले कार्यकर्ता और नेता उनके सम्पर्क में हैं.

अन्ना टोपी भी राजनीति के मैदान में अपनी धूम मचाने को तैयार है. वॉलेन्टियर इसे पहनकर राजनीतिक लड़ाई को तैयार हैं. अरविन्द की पोल खोलने की ज़िम्मेदारी भी उनके अभियान का हिस्सा है. अन्ना और अरविन्द की यह जंग इन हालातों में वाक़ई दिलचस्प होने जा रही है.

इतना ही नहीं, महिलाओं का एक विंग भी तैयार हो रहा है. यह विंग अरविन्द के महिलाओं को लेकर किए गए खोखले वादों का हिसाब लेगा. महिला कमांडो वाले वादे पर सवाल खड़ा किया जाएगा.

अरविन्द के साथ यह जंग सिर्फ ज़बानी नहीं बल्कि पोस्टर्स व होर्डिंग के माध्यम से भी लड़ी जाएगी. अन्ना-ममता के ज्वाइंट पोस्टर्स से दिल्ली को पाटने की तैयारी है. यूपी में पीस पार्टी से गठबंधन हो चुका है, तो गुजरात में गुजरात समता पार्टी का विलय किया जा चुका है. भारतीय किसान यूनियन का अम्बावत ग्रुप भी साथ आ चुका है. दूसरे प्रदेशों में भी बातचीत चल रही है. उधर अरविन्द की आप पार्टी को अभी भी उम्मीद है कि अन्ना सही समय पर सही फैसला लेंगे. आम आदमी पार्टी के गोपाल राय अभी भी अन्ना को लेकर काफी पॉजीटिव हैं.

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