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BeyondHeadlines > India > सरकारी खर्चे पर अखिलेश यादव के निजी फेसबुक-ट्विटर का प्रचार
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सरकारी खर्चे पर अखिलेश यादव के निजी फेसबुक-ट्विटर का प्रचार

Beyond Headlines
Beyond Headlines Published November 7, 2014 6 Views
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8 Min Read
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BeyondHeadlines News Desk

उत्तर प्रदेश में जबसे अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने हैं, तबसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित किये जा रहे तमाम विज्ञापनों में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निजी ट्विटर एकाउंट twitter.com/yadavakhilesh और फेसबुक एकाउंट facebook.com/yadavakhilesh का लगातार प्रचार किया जा रहा है.

इस प्रचार पर पहली बार लखनऊ की सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकूर ने आपत्ति दर्ज कराई है. सरकारी पैसे पर इस प्रकार से निजी सोशल साईट एकाउंट और उसमें लिखी गयी तमाम राजनैतिक बातों का प्रचार करने के संबंध में शिकायत करते नूतन ठाकूर का कहना है कि इन एकाउंट में समाजवादी पार्टी का वेबसाइट samajwadiparty.in  दर्शाया गया है. इतना ही नहीं, इनमें कई बार समाजवादी पार्टी को वोट देने, पार्टी के कार्यक्रम और राजनैतिक भाषण, नरेंद्र मोदी को सत्ता में आने से रोकने जैसी तमाम बातें भी हैं, जो कभी भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से नहीं कही जा सकती है.

नूतन ठाकूर का कहना है कि कुछ चापलूस अफसरों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर श्री यादव को व्यक्तिगत रूप से इनके लिए उत्तरदायी बनाने काम बताते हुए मैंने श्री यादव से उनके व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट को सरकारी प्रचार सामग्री से तत्काल हटाये जाने और इन चापलूस अफसरों पर कार्यवाही करने की मांग की है.

नूतन ठाकूर द्वारा अखिलेश यादव को लिखे गए पत्र को आप यहां देख सकते हैं:-

सेवा में,
श्री अखिलेश यादव,
मुख्यमंत्री,
उत्तर प्रदेश शासन,
लखनऊ

विषय- सरकारी विज्ञापनों में आपके व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट के प्रचार विषयक

महोदय,

कृपया दिनांक 04/11/2014 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित तीन विज्ञापनों का सन्दर्भ ग्रहण करें जो दिनांक04/11/2014 को 100 पुलिस भवन तथा 2 उपरिगामी सेतुओं तथा दिनांक 05/11/2014 को समाजवादी पेंशन योजना के उद्घाटन से सम्बंधित हैं.  इन सभी विज्ञापनों में अन्य तथ्यों के अलावा एक ट्विटर एकाउंट twitter.com/yadavakhilesh, एक फेसबुक एकाउंट facebook.com/yadavakhilesh तथा एक यू-ट्यूब एकाउंट youtube.com/user/upgovtofficial भी अंकित है.

ये फेसबुक और ट्विटर एकाउंट आपके अर्थात श्री अखिलेश यादव के व्यक्तिगत एकाउंट हैं जिसके भारी संख्या में फौलोवर हैं. इन दोनों एकाउंट में आपका वेबसाइट samajwadiparty.in  अंकित है जो समाजवादी पार्टी का आधिकारिक वेबसाइट है.

चूँकि आप समाजवादी पार्टी के नेता हैं और उसी पार्टी के नेता के रूप में आपने मुख्यमंत्री पद प्राप्त किया, अतः अपने निजी फेसबुक और ट्विटर एकाउंट पर उस राजनैतिक पार्टी का वेबसाइट रखना स्वाभाविक है. आप वर्तमान में समाजवादी पार्टी के नेता के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी हैं और इस रूप में आप द्वारा ये दोनों एकाउंट अपनी इच्छानुसार कभी सपा नेता और कभी प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में प्रयोग किया जाता है जिसमे आप अपनी पार्टी के लोगों और प्रदेश की जनता से अपनी बात कहते हैं और उनसे इस माध्यम से संवाद करते हैं. लोग आपकी बात सुनते हैं और उसके जरिये आपसे जुड़े हैं और यह आपका पूर्ण अधिकार है.

इस पूरी प्रक्रिया में समस्या तब आ रही है जब उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक विज्ञापनों में आपके इन व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट का उल्लेख किया जा रहा है और सरकारी तौर पर बताया जा रहा है कि आपका ट्विटर एकाउंट twitter.com/yadavakhilesh और फेसबुक एकाउंटfacebook.com/yadavakhilesh है. इस तरह सराकर के खर्च पर आपके व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर का विज्ञापन हो रहा है.

यह अपने आप में अनुचित और नियमविरुद्ध है क्योंकि सरकारी खर्च पर किसी व्यक्ति विशेष के फेसबुक आदि का और उनके व्यक्तिगत कार्यों, व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रचार नहीं किया जा सकता.

इससे भी अनुचित और विधिविरुद्ध यह तथ्य है कि आपके फेसबुक और ट्विटर एकाउंट में तमाम राजनैतिक बातें भी लिखी गयी हैं. इसमें समाजवादी पार्टी का प्रचार, समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम, सपा को वोट देने के लिए आमंत्रित करना, श्री नरेंद्र मोदी को सत्ता में आने से रोकने जैसी तमाम बातें लिखी हुई हैं. जाहिर है कि उत्तर प्रदेश सरकार इस तरह की बातें आधिकारिक रूप से प्रचारित नहीं कर सकती. सरकार किसी पार्टी विशेष के कार्यक्रम, उसकी उपलब्धियां, किसी पार्टी को वोट देने, किसी अन्य पार्टी को वोट नहीं देने जैसी बातें आधिकारिक रूप से नहीं कर सकती.

इसके बावजूद ऐसा इसीलिए हो रहा है क्योंकि सरकार में बैठे कुछ अफसर नियमों को ताक पर रख कर इस प्रकार के विधिविरुद्ध कार्य कर रहे हैं. मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये चापलूस अफसर आपको खुश करने के लिए नियमों को ताक पर रख ऐसे नियमविरुद्ध कार्य कर रहे हैं जिससे आप व्यक्तिगत रूप से आरोपित हो रहे हैं और यह विधिविरुद्ध कार्य सीधे आपके नाम और आपके व्यक्तित्व से जुड़ा हुआ है.

इसी प्रकार यूट्यूब पर सरकार के कथित आधिकारिक चैनेल पर आपके समाजवादी पार्टी पर झंडा फहराने जैसे पूर्णतया राजनैतिक कार्यक्रमों को भी प्रचारित किया जा रहा है.

मैं ऐसे तमाम राजनैतिक टिप्पणी यहाँ तारीख सहित प्रस्तुत कर रही हूँ जिसमे आपने राजनैतिक बातें कही हैं जो आप सपा नेता के रूप में कह सकते हैं पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं लेकिन इन चापलूस अफसरों के चक्कर में आपकी ये राजनैतिक बातें भी आपके फेसबुक और ट्विटर के प्रचार से सरकारी अभिलेख और सरकारी प्रचार का हिस्सा बन जा रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है.

मैं जानती हूँ कि जब ये बातें आपके संज्ञान में आएँगी तो आप यह स्थिति तत्काल रुकवाने के आदेश देंगे क्योंकि आप कभी भी अपने नाम पर इस प्रकार के गैरकानूनी काम नहीं होने या करने देंगे जिसमे आगे चल कर आपको अपयश मिले और आप सरकारी धन के व्यक्तिगत हित में उपयोग करने के दोषी करार दिए जाएँ.

अतः मैं उपरोक्त समस्त तःयों के दृष्टिगत आपसे निम्न दो निवेदन करती हूँ-

  1. कृपया तत्काल यह स्थिति रोकने के आदेश देने की कृपा करें ताकि आपके व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट आधिकारिक प्रचारों में सम्मिलित नहीं हों और आप सरकारी धन से अपना प्रचार करने के दोषी नहीं कहे जाएँ
  2. इस प्रकार का अनुचित और अवैध कार्य करने और इसके जरिये आपकी स्थिति खराब करने वाले सभी चापलूस अफसरों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही करने की कृपा करें ताकि भविष्य में कोई आपको ऐसी असहज स्थिति में ना लाने की हिमाकत करे

पत्र संख्या- NT/Complaint/13/14                                                                                   भवदीय,
दिनांक-06/11/2014
(डॉ नूतन ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ

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