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प्रो. संजय कुमार को धमकाने पहुंचा जदयू का एक नेता, अस्पताल में भी नहीं दिया जा रहा है ध्यान

BeyondHeadlines Staff Reporter

नई दिल्ली : मोतिहारी में महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर संजय कुमार के मॉब लिंचिंग के मामले को बिहार सरकार अब दबाने की कोशिश में जुट गई है. आरोप है कि एक जदयू नेता अभी संजय कुमार को अस्पताल में धमकी देकर गया है कि इस मामले में चुप रहना है.

बता दें कि संजय इस समय पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल (पीएमसीएच) में एडमिट हैं, और यहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है.

उनके सहकर्मी मृत्युंजय कुमार ने BeyondHeadlines को बताया, “ संजय को अभी एक घंटे पहले न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में रेफ़र किया गया है. लेकिन यहां अभी तक इलाज के लिए कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा है. सरकारी की साज़िश है कि इनको यहीं रखा जाए. हमलोग बार-बार अस्पताल प्रशासन से गुज़ारिश कर रहे हैं कि इन्हें दिल्ली के एम्स रेफ़र किया जाए, लेकिन यहां कोई सुनने को तैयार नहीं है.”

मृत्युंजय का ये भी आरोप है कि, नीतिश कुमार चाहते हैं कि इस मामले को यहीं रफ़ा-दफ़ा कर दिया जाए.

वो बताते हैं कि, सरकार की ओर से अभी कुछ देर उनका एक नेता जो पिछड़ा वर्ग आयोग से जुड़े हैं, हमें धमका कर गया है. वो हमें ये धमकी दे रहे थे कि ये मॉब लिंचिंग का मामला नहीं है, आप लोग बयान क्यों दे रहे हो?

मृत्युंजय का कहना है कि, उनके इस बात पर जब हमने अपनी बात रखी तो अपना गुस्सा दिखाकर चले गए हैं. तब से अस्पताल वालों का रवैया भी बदला हुआ नज़र आ रहा है.

हालांकि स्थानीय मीडिया में पीएमसीएच के अधीक्षक के हवाले से ये ख़बर दी जा रही है कि संजय कुमार की स्थिति में सुधार है. पैर, पीठ, छाती आदि में गंभीर चोट है. सिर में चोट की जांच के लिए सीटी स्कैन कराया गया है.

मृत्युंजय कुमार महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के ज्वाईंट सेकेट्री हैं और यहां के सोशियोलॉजी एंड सोशल एंथ्रोपोलॉजी डिपार्टमेंट में संजय कुमार के सहकर्मी हैं.    

इस घटना की आलोचना करते हुए विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि —‘मुख्यमंत्री जी, यह क्या हो रहा है. आरएसएस के गुंडों ने कुलपति के संरक्षण में एक प्रोफेसर पर हमला किया और लगभग पीट-पीट कर उसे मार ही दिया था, उन लोगों ने उन्हें जिंदा जलाने के लिए उन पर पेट्रोल डाल दिया. नीतीश जी, आप आरएसएस की शाखा क्यों नहीं खोलते हैं और स्वयं उसके ‘सर संघचालक’ क्यों नहीं बन जाते हैं.’

वहीं तेज प्रताप यादव ने भी ट्वीटर पर लिखा है कि, —‘सुशासन वाली सरकार में दंगाइयों का खुब बोलबाला है. पहले एक मंत्री के दंगाई बेटे का कारनामा तो देखा हीं, अब मोतिहारी में ABVP कार्यकर्ताओं का मनोबल देखिए,दिनदहाड़े सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को भगा-भगा के पिट दिया. सुशासन अभी गहरी नींद में है, ख़बरदार जो किसी ने DISTURB किया..!’

इस बारे में राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को इस संबंध में पत्र लिखकर इसकी मामले की जांच कर दोषियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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