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Reading: यौम-ए-शहादत पर याद किए गए प्रोफ़ेसर बारी, ‘सेकेंड अब्दुल बारी मेमोरियल लेक्चर —2019’ आगामी 31 मार्च को पटना में
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BeyondHeadlines > History > यौम-ए-शहादत पर याद किए गए प्रोफ़ेसर बारी, ‘सेकेंड अब्दुल बारी मेमोरियल लेक्चर —2019’ आगामी 31 मार्च को पटना में
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यौम-ए-शहादत पर याद किए गए प्रोफ़ेसर बारी, ‘सेकेंड अब्दुल बारी मेमोरियल लेक्चर —2019’ आगामी 31 मार्च को पटना में

Beyond Headlines
Beyond Headlines Published March 29, 2019 22 Views
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3 Min Read
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BeyondHeadlines News Desk

पटना: आज हिन्दुस्तान की आज़ादी के दीवाने प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी की पुण्यतिथी पर एस.क्यू.वाई स्टडी सर्किल से जुड़े लोगों ने  उनकी क़ब्र पर हाज़िरी देकर ऋद्धांजलि अर्पित की. 

इस मौक़े पर मौजूद हकीम तनवीर आलम ने बताया कि पिछले साल हम इस जगह आज ही के दिन आए थे; तब यहां काफ़ी गंदगी थी. शराब की बोतल फेंकी हुई थी. पर इस बार यहां काफ़ी साफ़-सफ़ाई है. लेकिन उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि उनकी यौम-ए-शहादत पर सरकारी नुमाइंदे के साथ-साथ क़ौम का कोई भी रहनुमा हाज़िरी देने नहीं आया. 

वहीं मोहम्मद उमर अशरफ़ ने आक्रोशित होते हुए ये कहा कि ये निहायत ही अफ़सोसनाक है कि बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी शहीद कर दिए गए; पर बिहार कांग्रेस का कोई भी नुमाईंदा उनकी क़ब्र पर उनकी यौम-ए-शहादत के मौक़े पर हाज़िरी देने नहीं आया. 

आबिद हुसैन ने कहा कि, प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी न सिर्फ़ बिहार के बल्कि पूरे भारत के लिए एक बड़े लीडर थे. लेकिन उन्हें हमेशा नज़रअंदाज़ किया गया. सरकार व कांग्रेस के लोगों की ओर से उनका इस तरह से नज़रअंदाज़ किया जाना निहायत ही आपत्तिजनक है.

बता दें कि आज ही के दिन ठीक 72 साल पहले यानी 28 मार्च, 1947 को प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी की गोली मार कर हत्या की गई थी. इस हत्या की ख़बर सुनते ही गांधी अल्लागंज से रात 9.30 में पटना पहुंचे और 29 मार्च की सुबह अब्दुल बारी की शव-यात्रा में शामिल हुए. इन्हें पटना के पीर मोहानी क़ब्रिस्तान में दफ़न किया गया है.

एस.क्यू.वाई स्टडी सर्किल की इस टीम ने उनकी क़ब्र पर हाज़िरी देने के बाद प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी के आवास पर जाकर उनके परिवार के लोगों से मुलाक़ात की और 31 मार्च को प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी की याद में होने वाले कार्यक्रम में आने की दावत दी.

याद रहे कि आगामी 31 मार्च को पटना के साइंस कॉलेज के सामने स्थित मदरसा इस्लामिया शम्सुल होदा ऑडीटोरियम में ‘सेकेंड प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी मेमोरियल लेक्चर —2019’ आयोजित किया गया है. इस अवसर पर पत्रकार अफ़रोज़ आलम साहिल द्वारा लिखित पुस्तक ‘प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी : आज़ादी की लड़ाई का एक क्रांतिकारी योद्धा’ का लोकार्पण किया जाएगा. 

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से राजधानी दिल्ली से सीएसडीएस के एसोसिएट प्रोफ़ेसर हिलाल अहमद, इतिहासकार साक़िब सलीम, जेएनयू के रिसर्च स्कॉलर शरजील इमाम और BeyondHeadlines के संपादक अफ़रोज़ आलम साहिल तशरीफ़ ला रहे हैं. ये कार्यक्रम दिन के 3 बजे से शुरू होगा.

TAGGED:Prof Abdul Bariप्रोफ़ेसर अब्दुल बारीप्रोफ़ेसर अब्दुल बारी : आज़ादी की लड़ाई का एक क्रांतिकारी योद्धा
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