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BeyondHeadlines > India > ‘घर में न सेहरी के लिए कुछ है, न इफ़्तार के लिए… पता नहीं ईद कैसी होगी’
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‘घर में न सेहरी के लिए कुछ है, न इफ़्तार के लिए… पता नहीं ईद कैसी होगी’

Beyond Headlines
Beyond Headlines Published May 19, 2019 320 Views
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4 Min Read
सायरा बीबी अपने दोनों बेटियों और मां के साथ…
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BeyondHeadlines Correspondent

नई दिल्ली: झारखंड के लातेहार ज़िले के बालूमाथ इलाक़े में मज़लूम अंसारी को लिंच करके पेड़ से लटकाए जाने की घटना आपको ज़रूर याद होगी, लेकिन क्या आपको मज़लूम अंसारी का ‘मज़लूम’ परिवार भी याद है.

मज़लूम की पत्नी सायरा बीबी (29 साल) अपने बूढ़ी मां-बाप के साथ डूमरटांड में रहती हैं. मज़लूम अपनी 4 लड़कियां व एक लड़का छोड़ गए हैं. सबसे बड़ी लड़की 14 साल की है और सबसे छोटी 3 साल की. लड़के की उम्र 7 साल है. 

सायरा बताती हैं कि इनकी दो बेटियां अभी एक मदरसे में पढ़ रही हैं. लड़के का दाख़िला रांची के प्राईवेट स्कूल में कराया है. ये पूछने पर कि प्राईवेट स्कूल में क्यों? इस पर वो कहती हैं कि रांची के अंजुमन ने कहा था कि लड़के की पढ़ाई का खर्च हम दे देंगे, लेकिन दाख़िला कराने के बाद किसी ने कोई मदद नहीं की. हर महीने उसकी फ़ीस 800 रूपया देनी पड़ती है. लेकिन हम कब तक देंगे और कहां से देंगे.

सायरा बताती हैं कि मज़लूम ज़्यादातर ससुराल में ही रहते थे. वो मेले में जानवरों के ख़रीद-बिक्री का काम करते थे. उनकी मौत के बाद भी हम यहीं हैं. मेरे ससुराल वालों ने मेरी कोई मदद नहीं की. पैसा मांगते हैं तो कहते हैं कि सब केस-मुक़दमा में खर्च हो गया. अब कोई पूछने भी नहीं आता है. घर में कोई कमाने वाला नहीं है. मैं ही कभी-कभी गांव में कोई काम मिलता है तो मज़दूरी कर लेती हूं. मज़दूरी करने के बाद तबीयत भी अक्सर ख़राब हो जाता है. मेरी मां भी बीमार ही रहती है. बाप भी इतने बुजुर्ग हो गए हैं कि कोई काम-धंधा नहीं कर सकते.   

सायरा कहती हैं, रमज़ान का महीना है और घर में न सेहरी में खाने के लिए है और न इफ़्तार के लिए. गांव में एक ने चना दिया था, उसे ही बनाकर इफ़्तार में खा लेते हैं. ईद क़रीब आ गई लेकिन बच्चों का कपड़ा कैसे बनवाएं. पता नहीं ईद कैसे कटेगी?

बता दें कि लातेहार ज़िला के झाबर गांव में 18 मार्च, 2016 को 32 साल के मज़लूम अंसारी और 12 साल के आज़ाद खान को पीट-पीटकर मार डाला गया था, फिर उनकी लाश को पेड़ में लटका दिया गया. दोनों के हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे.

इस हत्याकांड में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और गो-रक्षकों की भूमिका सामने आई थी. तब तो इस घटना पर ख़ूब शोर मचा था. भाजपा छोड़ तमाम राजनीतिक दलों के लोगों ने इस पर धरना-प्रदर्शन किया. साथ ही सीबीआई जांच कराने की मांग उठी. मगर इस मामले में गिरफ़्तार आठों आरोपी ज़मानत पर रिहा हो चुके हैं. और खुले तौर पर अपना अगला शिकार ढ़ूंढ़ रहे हैं.

अब ऐसे में आपका ये फ़र्ज़ है कि इनकी हर तरह से मदद करें. हम नीचे सायरा बीबी का अकाउंट डिटेल दे रहे हैं. आप इसकी तस्दीक़ करके डायरेक्ट मदद कर सकते हैं. किसी को भी बीच में लाने की ज़रूरत नहीं है. 

Name: Saira Bibi

Account No: 4002886803

IFSC Code: CBIN0281573

Bank Name: Central Bank of India

       Vill+Post: Chiru, Balumath Latehar- 829202

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