BeyondHeadlinesBeyondHeadlines
  • Home
  • India
    • Economy
    • Politics
    • Society
  • Exclusive
  • Edit/Op-Ed
    • Edit
    • Op-Ed
  • Health
  • Mango Man
  • Real Heroes
  • बियॉंडहेडलाइन्स हिन्दी
Reading: नेतन्याहू की सरकार में वापसी के क्या परिणाम होंगे?
Share
Font ResizerAa
BeyondHeadlinesBeyondHeadlines
Font ResizerAa
  • Home
  • India
  • Exclusive
  • Edit/Op-Ed
  • Health
  • Mango Man
  • Real Heroes
  • बियॉंडहेडलाइन्स हिन्दी
Search
  • Home
  • India
    • Economy
    • Politics
    • Society
  • Exclusive
  • Edit/Op-Ed
    • Edit
    • Op-Ed
  • Health
  • Mango Man
  • Real Heroes
  • बियॉंडहेडलाइन्स हिन्दी
Follow US
BeyondHeadlines > World > Middle-East > नेतन्याहू की सरकार में वापसी के क्या परिणाम होंगे?
Edit/Op-EdMiddle-EastWorld

नेतन्याहू की सरकार में वापसी के क्या परिणाम होंगे?

Dr Mohammad Makram Balawi
Dr Mohammad Makram Balawi Published January 12, 2023 45 Views
Share
6 Min Read
SHARE

इसराइल के चुनावों के आख़िरी दौर के नतीजों ने यक़ीनन अमेरिकी उम्मीदों व कोशिशों को एक झटका दिया होगा, क्योंकि उन्होंने पूर्व कार्यवाहक प्रधान मंत्री यायर लापिड पर अपना दांव लगाया था. इन परिणामों से यह भी पता चला कि वे हारे हुए घोड़े पर दांव लगाते हैं. संक्षेप में, इसराइल की लंबे समय से प्रचारित छवि को बनाए रखने के अलावा लापिड और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच राजनीतिक परिणामों के हवाले से बहुत अंतर नहीं है.

इसके बावजूद नेतन्याहू, जो “इसराइल के बादशाह” के तौर पर काम करते हैं (पहले ही छह बार प्रधान मंत्री रह चुके हैं), अपने अहंकार और दूसरों के मामलों में दख़ल देने के कारण उनके प्रति अमेरिका और अन्य जगहों पर बहुत नफ़रत है. वे हमेशा हेरा-फेरी करने वाले सेल्समैन की भूमिका निभाने की कोशिश करते हैं, जो आपके पैसे लेना चाहता है लेकिन बदले में आपको कुछ नहीं देता. वह वही है जिसने अरब के नारे “शांति के लिए भूमि” को “शांति के लिए शांति” में बदल दिया, यह अच्छी तरह से जानते हुए कि धमकी देने वाले अरब दर्जनों F-35 विमानों और इसराइली हाईटेक हथियारों का मुक़ाबला नहीं कर सकेंगे, जिसमें अमेरिका और यूरोप की तरफ़ से इसराइल को दिए गए परमाणु बम भी शामिल हैं.

कुछ महीने पहले, जब लापिड की सरकार ने पूर्वी भूमध्य सागर में गैस भंडार के मुद्दे को हल करने के लिए अमेरिका के माध्यम से समुद्री सीमाओं पर लेबनान के साथ एक आपसी समझौता किया, तो नेतन्याहू ने टिप्पणी की कि अगर वो उनकी जगह होते तो बदले में कुछ दिए बग़ैर सब कुछ ले लेते. उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए ये समझौता हिज़्बुल्लाह के प्रति वफ़ादारी का प्रतिनिधित्व करता है, और अगर वह चुने जाते हैं तो वो इस समझौते को “बेअसर” कर देंगे, जैसा कि उन्होंने ओस्लो समझौते के साथ किया था.

इस बार नेतन्याहू की “प्रतिभा” का रूख फ़िलिस्तीनियों और अरबों की तरफ़ नहीं है, और नेतन्याहू ने इसराइली मानकों के मुताबिक़ प्रमाणित अपराधियों से मिलकर एक गैंग से कम सरकार नहीं बनाई है. कई लोग उनकी सरकार को इसराइल के “इतिहास” में सबसे चरमपंथी सरकार के रूप में वर्णित करते हैं.

एक भविष्यवाणी के तरह इसराइल के पूर्व प्रधान मंत्री लापिड ने अपने विदाई भाषण में नेतन्याहू और उनकी टीम को यह कहते हुए संबोधित किया कि उन्होंने इसराइल को अच्छी हालत में सौंपा है और उम्मीद है कि वे इसे उसी हालत में वापस कर सकने के लायक़ होंगे, जब वो अगला इलेक्शन जीतेंगे.

इसराइल में बहुत से लोग नेतन्याहू और उनकी सरकार से बेहद परेशान और चिंतित हैं. कुछ ने सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन किया तो कुछ ने सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया. यहां तक कि कुछ लोगों ने नेतन्याहू पर यह आरोप लगाते हुए देश छोड़ने का फ़ैसला किया कि वह इसराइल को एक “अछूत राज्य” में बदलने और जनता का समर्थन खोकर सरकार की क़ानूनी हैसियत को तबाह करने का काम कर रहे हैं.

द टाइम्स ऑफ़ इसराइल ने यह नोटिस किया कि जब इसराइल में अमेरिकी राजदूत टॉम नाइड्स ने प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी नई सरकार को बधाई देते हुए ट्वीट किया, तो उन्होंने यरूशलम और वाशिंगटन के बीच मज़बूत संबंधों की सराहना की, लेकिन इस बात पर ज़ोर नहीं दिया कि यह साझा मूल्यों की आदत है. इस संदेश में संकेत दिया गया कि इसराइल ने पहले ही अमेरिकी समर्थन खोना शुरू कर दिया है और अमेरिकी मॉडल और मूल्यों से बहुत दूर चला गया है.

नेतन्याहू व्यवस्थित रूप से इसराइल को वैचारिक स्तर पर, न्यायिक स्तर पर, संसदीय स्तर पर, शासन स्तर पर, सैन्य स्तर पर, सुरक्षा स्तर पर, विदेशी मामलों के स्तर पर, आर्थिक और सामाजिक स्तर पर कमज़ोर कर रहे हैं.

क्या नेतन्याहू ऐसा इसलिए कर रहे हैं कि गठबंधन बनाने का यही एकमात्र तरीक़ा है या इसलिए कि उन्होंने हमेशा कट्टर और चरमपंथी विचारों को आश्रय दिया है? क्या यह महज़ संयोग है कि प्रोफ़ेसर बेंज़िऑन नेतन्याहू के बेटे हैं, जो मिलिशिया नेता (militia leader) और आतंकवादी ज़ेव ज़ाबोत्स्की के निजी सचिव रहे?

अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए नेतन्याहू को क़ानून में संशोधन करना पड़ा, जो कि क़ानून के राज्य की अवधारणा के लिए एक गंभीर झटका है, जिसे इन्होंने मार्केट करने की कोशिश की.

इसराइल से नफ़रत करने वालों को आराम करना चाहिए और ये मंज़र देखकर आनंद का अनुभव करना चाहिए, क्योंकि नेतन्याहू ने इसराइल के मंदिर के हर स्तंभ को तबाह कर दिया है. ये वही व्यक्ति है जिसने कुछ महीने पहले दावा किया था कि वह आंतरिक और बाहरी दुश्मनों के ख़िलाफ़ इसराइल की एकमात्र गारंटी है. वही आदमी – शायद – आंतरिक विभाजन को बढ़ावा देकर और बाहरी समर्थन खोकर इसराइल को उसके अंजाम तक पहुंचाने वाला है, जैसा कि बहुत से इसराइली नेता ख़बरदार कर रहे हैं.

(लेखक ने ये लेख मिडल ईस्ट मॉनिटर पर लिखा है, उनकी अनुमति के बाद इसका अनुवाद करके इसे यहां प्रकाशित किया जा रहा है.)

TAGGED:Dr Mohammad Makram BalawiPalestine
Share This Article
Facebook Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Telangana Must Order CBI Inquiry into Alleged Murder of Advocate Moizuddin in Waqf Cases
India Waqf Facts
Waqf Registration Ends With Fears of Vanishing Properties
Exclusive India Waqf Facts
The Waqf Act 2025, Supreme Court Interim Ruling, and the Role of Muslims in Protecting Waqf Properties
Waqf Facts
Supreme Court Verdict on the Waqf Act: Justice or Just Temporary Consolation?
India Waqf Facts Young Indian

You Might Also Like

Edit/Op-EdExclusiveHistoryIndia

Kamal Maula Mosque Controversy Explained: How History, Politics, and Faith Collided Over a Single Monument

May 22, 2026
Edit/Op-EdI WitnessYoung Indian

The Istanbul’s Drums and Bettiah’s Silence: A Living Tradition, a Fading Voice

March 19, 2026
Edit/Op-EdIndiaWorld

The Ally We Deserted: How India Turned Its Back on Iran

March 5, 2026
Edit/Op-EdIndiaWorld

Biryani, Misinformation and the Cost of Hate on India’s Culinary Reputation

February 26, 2026
Copyright © 2025
  • Campaign
  • Entertainment
  • Events
  • Literature
  • Mango Man
  • Privacy Policy
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?