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लूट की दास्तान —6…

अब तक आप ‘लूट की दास्तान’ की पांच किस्त पढ़ चुके हैं. अब पढ़िए आगे…

(नोट: अगर आपने पहले की कोइ भी किस्त नहीं पढ़ी है तो पहले उसे पढ़ लीजिए…)

लूट की दास्तान —1…

लूट की दास्तान —2…

लूट की दास्तान —3…

लूट की दास्तान —4…

लूट की दास्तान —5…

गुप्ता दम्पत्ति का जवाब नहीं, पहले एक साजिश के तहत इंडियन मर्केंटाइल कोआपरेटिव बैंक में शातिराना अंदाज में हजारों करोड़ की लूट को अंजाम दिया. उसके बाद गुंडई के बूते शिकायतकर्ता के साथ हाईकोर्ट में जनहित याचिका करने वाले के पिता का अपहरण तक करा लिया.

पुलिस ने भी अखिलेश दास का बखूबी साथ दिया. इस सनसनीखेज मामले में कांग्रेस के एक कद्दावर विभीषण किस्म के नेता की भूमिका का भी खुलासा हुआ है. अखिलेश दास की गुंडई की कई शिकायतें सीबीआई से लेकर डीजीपी तक से की गई लेकिन मामला दबवा दिया गया.

11 जून 2011 विजय कुमार यादव निवासी ग्राम काजी का पुरवा पोस्ट मनुहार जिला प्रतापगढ़ ने डीजीपी हरियाणा को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि मैं पिछले कई वर्षों से चंढ़ीगढ़ में रह रहा हूं बसपा के सांसद अखिलेश दास गुप्ता के खिलाफ मैने 17 मार्च 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका संख्या 16856 दायर की थी, जिसके बाद से अखिलेश दास मुझे जान से मारने की धमकियां दे रहे है. यही नहीं यूपी के गुंडे राजू सिंह (9453560996) के जरिए मुझे उठवाने तक की धमकियां मिल रही है.

पत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारी धर्मेन्द्र (9454592174) व जगदीश शुक्ला (9454404116) चौकी रानीगंज थाना लालगंज जिला प्रतापगढ़ मेरे स्थायी निवासी पर गये और मेरे पिता जंग बहादुर यादव को डराने धमकाने के साथ जेल में डालने की धमकी भी दी. मेरे पिता को राजू सिंह 28 मार्च 2011 को जबरन लखनऊ ले गया. जिसकी शिकायत मैने डीजीपी व एसीबी सीबीआई से की. अखिलेश दास ने दबाव डालकर बलपूर्वक मेरे पिता से यह भी लिखवाया कि वह अपनी मर्जी से लखनऊ गये थे. मुझे घायल करने का भी प्रयास किया गया.

अखिलेश दास की गुंडई से त्रस्त विजय कुमार यादव ने एसीबी सीबीआई को 26.4.2011 को पत्र लिखकर यह तक कहा कि पीआईएल वापस लेने की एवज में मुझे एक करोड़ देने का आफर किया दिया.

इसी तरह इंडियन मर्केंटाइल कोआपरेटिव बैंक में हजारों करोड़ की महालूट का खुलासा करने वाले बैंक के पूर्व कर्मचारी मनोज कुमार जैन व साक्षी का 21 अप्रैल 2010 का दिल्ली जाते समय फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया गया.

जैन ने डीजीपी हरियाणा को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि इस काण्ड में सीतापुर के दरोगा जगदम्बा सिंह व राजेश सिंह नाम फर्जी सीबीआई अफसर शामिल है. इन्होंने अखिलेश दास गुप्ता के नाम पर डराने धमकाने के साथ मर्डर व एन्काउंटर करने की धमकी भी दी. इसके बाद 22 अप्रैल 2010 को दोनों को जबरदस्ती दिल्ली ले जाया गया. जहां शीशमहल गेस्ट हाउस ए-28 साउथ एक्सटेन्शन (2) नई दिल्ली में रखा गया. इस दौरान मर्केंटाइल कोआपरेटिव बैंक के सचिव विजय कुमार सिन्हा भी आये और धमकियां दी.

जैन ने अखिलेश दास की गुंडई की शिकायत सीबीआई से की तो उन्होंने मामला आरबीआई की विजिलेंस शाखा के सुपुर्द कर दिया. लेकिन फिर भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई और अखिलेश दास फोन पर लगातार धमकियां दे रहे थे.

बकायदा मनोज कुमार जैन ने डीजीपी हरियाणा को 011-23482218, 8130335107, 8954886426, 9453437000, 9453560996, 9670770155, 9415013673 जैसे नम्बरों का पूरा ब्यौरा भी उपलब्ध कराकर कार्रवाई की मांग की.

इसके बाद विजय कुमार यादव के पिता को कांग्रेस के कद्दावर विभीषण किस्म के नेता के घर रखने के मामले में मनोज कुमार जैन ने राहुल गांधी व यूपी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस रीता बहुगुणा जोशी तक से शिकायत की, लेकिन किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई.

                                                  –लूट की दास्तान आगे भी जारी रहेगी…

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