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‘मोदी जी! पहले आप कुछ करके दिखाईए, फिर क़रीब आने की बात कीजिए’ — शाही इमाम अहमद बुख़ारी

अफ़रोज़ आलम साहिल, BeyondHeadlines

नई दिल्ली : केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल ने आज ट्वीट कर बताया है कि ‘संपर्क से समर्थन’ अभियान के तहत आज वो शाही इमाम मौलाना सैय्यद अहमद बुख़ारी से मिलकर मोदी सरकार की चार साल की उपलब्धियों से अवगत कराया. लेकिन शाही इमाम बुख़ारी का कहना है कि उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखा था, जिसके बाद उन्होंने मिलने का आमंत्रण दिया था, ये मुलाक़ात उसी संदर्भ में था.

बता दें कि इस मुलाक़ात से पहले ही आज के इंक़लाब नामक उर्दू अख़बार में बुख़ारी का ये बयान छपा है कि विजय गोयल को प्रधानमंत्री की ओर से भेजा जा रहा है ताकि वो मुलाक़ात करते हुए मुसलमानों के समस्याओं पर बातचीत करें.

BeyondHeadlines के साथ ख़ास बातचीत में मौलाना सैय्यद अहमद बुख़ारी ने बताया कि, मैंने आज विजय गोयल से भी मुसलमानों के समस्याओं पर अपनी बातें कहीं. अगर पीएम मोदी चाहते हैं कि मुसलमान क़रीब आ जाएं तो कैसे क़रीब आ जाएं. दूर तो आपने ही किया है. अब क़रीब लाने के लिए आपको अपनी आइडियोलॉजी को चेंज करना होगा, लेकिन ये तो आप चाहते नहीं हैं.

उन्होंने आगे कहा कि, पहले तो आप कुछ करके दिखाईए, फिर क़रीब आने की बात कीजिए. बग़ैर कुछ किए मुसलमानों के क़रीब आने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता.

शाही इमाम बुख़ारी ने स्प्ष्ट तौर पर कहा कि, बीजेपी के साथ कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, बल्कि आइडियोलॉजी की लड़ाई है. अगर व्यक्तिगत लड़ाई होती तो 1997 में मुसलमान बीजेपी के साथ क्यों जाता. 1989 में भी मुसलमान कांग्रेस के साथ नहीं गया था.

वो आगे कहते हैं कि, कोई भी इश्यू हो; मुसलमानों को हमेशा नज़रअंदाज़ किया गया. एक तरफ़ तो पीएम मोदी कहते हैं कि मुसलमानों के एक हाथ में कम्प्यूटर और दूसरे में क़ुरआन देखना चाहता हूं. फिर आप ‘सबका साथ —सबका विकास’ की करते हैं, लेकिन न तो किसी का विकास नज़र आ रहा है और न इसके प्रति कोई संजीदगी.

इमाम बुख़ारी पीएम मोदी पर तंज करते हुए कहते हैं कि, कहने और करने में बड़ा फ़र्क़ होता है. आप कुछ करके दिखाईए, फिर मुसलमानों से बात कीजिए. आपने हमेशा मुसलमानों को दूर करने की बात की. आपकी कोशिशें तो हिन्दुत्व को बढ़ावा देने की हैं. तो फिर आप मुसलमानों की बात क्यों कर रहे हैं. आप बस सबको साथ लेकर चलिए ना…

वो आगे कहते हैं कि, इस मुल्क की ख़ूबसूरती तो यही है कि इस मुल्क में हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख और इसाई सब एक साथ मिलकर रहते आए हैं. यहां की परंपरा राष्ट्रीय एकीकरण की रही है, लेकिन जब आप उसको ही ख़त्म कर देंगे तो इस मुल्क में क्या रह जाएगा. मोदी जी, कुछ नहीं रहेगा. मुल्क में अनारकी फैलेगी. मुल्क दुबारा तक़्सीम की तरफ़ जाएगा, लेकिन हम नहीं चाहते कि भविष्य में कभी भी ऐसा हो.

लंबी बातचीत में शाही इमाम बुख़ारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहना चाहते हैं कि, आपको अपनी आइडियोलॉजी को बदलना होगा. आपने मुसलमानों को जो दूसरे दर्जे का शहरी बनाकर रख दिया है, उसे ख़त्म करना होगा. मुसलमानों के इश्यूज़ को आपको समझना होगा. आप भी इन इश्यूज़ को जानते हैं, लेकिन आप चाहे तो दुबारा हम इसे आपको बता दें.            

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