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कन्हैया कुमार के चुनाव लड़ने में क्या हर्ज है?

BeyondHeadlines News Desk

पटना : कन्हैया कुमार के नाम के ऐलान के साथ ही बिहार की राजनीति में बेगुसराय एक बार फिर से चर्चा में है. एक बार फिर से यहां भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) का इतिहास खंगाला जा रहा है. 

मीडिया में आए ख़बर ‘बेगूसराय में सिर्फ़ 1967 और 1996 में फहरा है लाल झंडा’ का खंडन करते हुए आज भाकपा के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह ने बयान जारी कहा कि, यह कहना ग़लत है कि भाकपा दो ही बार बेगूसराय लोकसभा सीट से चुनाव जीती है. जबकि सच्चाई यह है कि 1977 के परिसीमन के बाद बेगूसराय ज़िले में दो लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र बेगूसराय और बलिया हो गया. बलिया लोकसभा क्षेत्र में बेगूसराय ज़िले के पांच विधानसभा सभा क्षेत्र बरौनी, बखरी, बछवाड़ा, चेरियाबरियारपुर और बलिया विधान सभा एवं खगड़िया जिले के अलौली विधानसभा क्षेत्र शामिल था.

वो आगे कहते हैं कि, भाकपा बेगूसराय ज़िले की बलिया लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ती रही है. बलिया लोकसभा से भाकपा के सुर्यनारायण सिंह ने 1980, 1989 एवं 1991 में जीत दर्ज की थी, जबकि 1996 में शत्रुघ्न प्रसाद सिंह चुनाव जीते थे. वहीं 1996 के बाद जीतने भी चुनाव हुए हैं, उसमें भाकपा लड़ाई में रही है.

उन्होंने कहा कि 2009 के परिसीमन में बलिया लोकसभा क्षेत्र समाप्त हो गया और बेगूसराय ज़िले की सभी सात सीटें बेगूसराय लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में शामिल हैं. बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र में भाकपा की मज़बूत पकड़ है.

भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि 1962 से लेकर 1996 तक हर लोकसभा चुनाव में हमारी पार्टी चार से आठ सीटों पर जीतती रही है. वर्तमान बिहार के बेगूसराय, मधुबनी, मोतिहारी, पटना, जमुई, मुंगेर, जहानाबाद और बक्सर लोकसभा सीट पर भाकपा जीतती-हारती रही है. 1991 में आठ और 1996 में चार लोकसभा सीटों पर भाकपा चुनाव जीती थी.

उन्होंने बताया कि पार्टी फिलहाल बेगूसराय, मधुबनी, खगड़िया, बांका, मोतिहारी और गया व जमुई सीट पर तैयारी कर रही है.

मीडिया को दिए बयान में उन्होंने यह भी बताया कि, राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू यादव और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कन्हैया की उम्मीदवारी का समर्थन किया है.

उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चयन की सांगठनिक प्रक्रिया में देरी हो सकती है लेकिन सैद्धांतिक तौर पर उनके नाम पर सहमति है.

उन्होंने कहा, ‘जब राष्ट्रीय नेता चाहते हैं तो क्या आपत्ति हो सकती है. और बेगूसराय उनका घर है. चुनाव लड़ने में क्या हर्ज है.’

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